जंगल के तीन दोस्त
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| जंगल के तीन दोस्त |
Kids Story in Hindi
एक समय की बात है, हरियाली से भरे सूरजपुर जंगल में तीन अच्छे दोस्त रहते थे
टिंकू खरगोश, मोटी गिलहरी, और गुब्बू हाथी।टिंकू बहुत तेज दौड़ता था,
मोटी ऊँचे पेड़ों पर चढ़ने में माहिर थी,और गुब्बू ताकतवर था लेकिन थोड़ा डरपोक।
🐰 एक दिन की बात
Hindi Moral Stories for Kids
जंगल में एक बड़ी समस्या हो गई।सभी जानवरों का पानी वाला तालाब सूख गया!
सब परेशान थे कि अब पानी कहाँ से मिलेगा?
टिंकू बोला,“चलो, नए पानी के लिए खोज करते हैं!”
मोटी ने कहा,“मैं ऊपर से देख सकती हूँ, शायद कहीं चमक दिखाई दे।”
गुब्बू डरते हुए बोला,“मैं भी चलूँगा… लेकिन पीछे-पीछे।”
चलो अब चलते हैं, पानी की खोज में,
तीनों दोस्त सुबह-सुबह निकल पड़े।कई घंटे चलने के बाद मोटी पेड़ पर चढ़ी।उसने दूर एक चमकती हुई जगह देखी और खुशी से चिल्लाई,“वो देखो! शायद पानी है!”
तीनों वहाँ पहुँचे और देखा कि पानी तो है,लेकिन रास्ता पत्थरों और कांटों से भरा था।
टिंकू तेज था, वह आगे बढ़ गया,पर उसके छोटे-छोटे पैर काँटों में फँस गए।
मोटी बोली,“रुको टिंकू! मैं मदद करती हूँ।”
वह पेड़ से पत्ते लाकर टिंकू के पैरों नीचे बिछाने लगी।
अब रास्ता थोड़ा आसान हो गया,लेकिन बीच में एक बड़ा पत्थर था।
गुब्बू ने हिम्मत जुटाई और बोला,“ये मेरा काम है!”
उसने अपनी सूंड से पत्थर को हटाया।
💧 सबके लिए पानी
तीनों दोस्त पानी तक पहुँचे और खुशी से झूम उठे।फिर उन्होंने जंगल के बाकी जानवरों को भी बुलाया।सबने मिलकर वहाँ एक बड़ा सा नया तालाब बनाया।
कहानी की सीख
जो काम अकेले मुश्किल होता है,वह दोस्तों के साथ मिलकर आसान हो जाता है,हर किसी की अपनी ताकत होती है।और मिलकर रहने में ही असली खुशी है।
आगे दूसरी ओर कहानी आगे पढ़िए।
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नीमु और जुगनू का जादुई सफर
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हरे-भरे कमलपुर गाँव के पास एक घना जंगल था। उस जंगल में एक नन्हा तोता रहता थाउसका नाम था नीमु।नीमु बहुत जिज्ञासु था और हर चीज़ के बारे में जानना चाहता था।
एक रात की बात
एक रात नीमु पेड़ पर बैठा चाँद देख रहा था।अचानक उसे नीचे से हल्की-सी रोशनी दिखाई दी।
“ये क्या चमक रहा है?”नीमु ने सोचा और उड़कर नीचे चला आया।
वहाँ उसे एक छोटा-सा जुगनू मिला,उसका नाम था टिमटिम।
टिमटिम बहुत उदास था।
नीमु ने पूछा,“तुम रो क्यों रहे हो?”
टिमटिम बोला,“मैं रास्ता भटक गया हूँ। मुझे अपने घर वापस जाना है,
लेकिन जंगल बहुत बड़ा है… मैं अकेला कैसे ढूँढ़ूँ?”
निम्मु की मदद
नीमु ने मुस्कुराते हुए कहा,“चिंता मत करो दोस्त, मैं तुम्हारी मदद करूँगा।हम मिलकर तुम्हारा घर ढूँढ लेंगे!”
दोनों रात में उड़ने लगे।कहीं पेड़ इतने घने थे कि रोशनी भी नहीं आती थी,तो टिमटिम अपनी चमक से रास्ता दिखाता।और जहाँ हवा तेज चलती थी,नीमु अपने पंखों से बचाकर उड़ने की दिशा बताता।
जंगल का रहस्य
जंगल के बीच एक बड़ा पत्थर था,जिस पर एक पुराना नक्शा बना था।
टिमटिम बोला,“मेरे घर के पास ऐसा ही पेड़ है!हम सही दिशा में जा रहे हैं!”
दोनों आगे बढ़े और आखिरकार टिमटिम का घर मिल गया,एक बड़ा-सा पेड़, जिसकी डालियों पर,सैकड़ों चमकते जुगनू रह रहे थे।सब जुगनू खुशी से चमकने लगे।
टिमटिम बोला,“धन्यवाद नीमु! अगर तुम नहीं होते,तो मैं वापस घर नहीं पहुँच पाता!”
नीमु ने मुस्कुराते हुए कहा,“दोस्तों की मदद करना ही असली खुशी है।”
कहानी की सीख
छोटा हो या बड़ा,हर कोई किसी की मदद कर सकता है।मिलकर चलने से हर मुश्किल आसान हो जाती है।

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