🪶 शीर्षक: “भोलाराम का मोबाइल और गाँव की मस्ती”
🎭 किरदार:
गाँव की कॉमेडी स्क्रिप्ट इन हिंदी
1. भोलाराम – भोला लेकिन शरारती गाँव का नौजवान है।
2. फुलमती – गाँव की समझदार पर तीखी ज़बान वाली लड़की हैं।
3. पंडित झपटा प्रसाद – पूजा के साथ-साथ गॉसिप के शौकीन हैं।
4. लल्लन चाचा – गाँव के बूढ़े, पर आज भी जवान दिलवाले
आदमी हैं।
5. मंगरू – भोलाराम का पक्का यार, हर मुसीबत में साथ देने वाला एक अच्छा इंसान हैं।
6. सरपंच – गाँव के नेता टाइप, जो हर चीज़ में अपनी राय देते हैं।
🎬 कॉमेडी स्क्रिप्ट: “भोलाराम का मोबाइल और गाँव की मस्ती”
(Scene 1 – गाँव का सीन)
(लल्लन चाचा हुक्का पी रहे हैं, पंडित खबरदार अख़बार पढ़ रहे हैं)
लल्लन चाचा: अरे पंडित जी, आजकल के छोरे-छोरियाँ बड़े बेताब हो रहे हैं, फोन से शादी कर रहे हैं।
पंडित: (हँसते हुए) हाँ चाचा, अब तो पूजा भी वीडियो कॉल से कराने का जमाना आ गया है।
भोलाराम: (प्रवेश करते हुए) जय हो सबकी,मेरे पास भी अब मोबाइल आ गया है – टच वाला।
मंगरू: अरे वा भोलाराम, अब तू भी इंस्टाग्राम पे फोटो डालेगा क्या?
भोलाराम: इंस्टाग्राम छोड़, मैं तो फुलमती को “रील” में फँसाने की सोच रहा हूँ।
(सब हँस पड़ते हैं)
पंडित : बेटा, रील नहीं, रिश्ता जोड़! वरना गाँव में रीलें तो बहुत चलती हैं, पर रिश्ता टूट जाता है।
भोलाराम: (मुस्कुराते हुए) रिश्ता भी जोड़ लेंगे पंडित जी, पर पहले फुलमती का रिप्लाई तो आ जाए।
(Scene 2 – कुएँ के पास)
(फुलमती अपनी सहेली के साथ पानी भर रही है)
फुलमती: (फोन देखकर) ये भोलाराम तो रोज “गुड मॉर्निंग” भेजता है, पर काम कुछ नहीं करता।
सहेली: तू तो एक “गुड नाइट” भेज दे, काम अपने आप शुरू हो जाएगा।
फुलमती: अरे हट" मैं वैसी लड़की नहीं हूँ"।
(भोलाराम और मंगरू धीरे से आते हैं)
भोलाराम: (धीरे से) सुन मंगरू, अगर आज फुलमती बात कर ले नहीं तो तुझे नचा दूंगा आज मैं.
मंगरू: (मुस्कुराते हुए) और अगर ना की, तो?
भोलाराम: तो तू नाचना।
(भोलाराम आगे बढ़ता है)
भोलाराम: नमस्ते फुलमती जी, "आज तो सूरज भी शर्मा गया आपको देखकर"।
फुलमती: (हँसते हुए) हाँ, क्योंकि उसने ऐसा झूठ पहली बार सुना होगा।
मंगरू: (धीरे से) भैया, ये तो सीधे दिल पे वार कर गई।
भोलाराम: (संभलते हुए) अच्छा छोड़ो, मैं मोबाइल दिखाने आया हूँ — इसमें कैमरा भी है।
(फुलमती मोबाइल देखती है)
फुलमती: अच्छा,दिखाओ, फोटो खींचो मेरी।
भोलाराम: (उत्साहित होकर) है पोज बनाओ।
फुलमती: (पोज़ बनाते हुए) पोज नहीं, “भोलाराम निकम्मा” बोलो।
(सभी हँसते हैं, भोलाराम शर्मिंदा होकर भागता है)
(Scene 3 – चौपाल पर हंगामा)
लल्लन चाचा: (हँसते हुए) भोलाराम की फोटो की जगह फुलमती ने अपनी गाय की फोटो भेज दी, और वो बोल रहा था – “क्या नैन हैं, क्या लटें हैं!”
पंडित झपटा: (पेट पकड़कर हँसते हुए) ये तो हद हो गई, अब गाय भी भोलाराम को भा गई!
मंगरू: (भोलाराम से) भाई, अब तू गाय को भी “गुड मॉर्निंग” भेजेगा क्या?
भोलाराम: अरे यार, बस अब मोबाइल से तौबा!
---
(Scene 4 – पंचायत मीटिंग)
सरपंच: गाँव में मोबाइल का बुरा असर हो रहा है। कल फुलमती के नाम से नकली अकाउंट बना दिया गया!
भोलाराम: (घबराते हुए) वो मैंने नहीं किया!
फुलमती: (मुस्कुराकर) मुझे पता है भोलाराम, तू तो ऐसा कर ही नहीं सकता।
पंडित झपटा: (मजाक में) फिर तो शादी की तारीख तय कर दो सरपंच जी!
सरपंच: (हँसते हुए) पहले मोबाइल वाला ड्रामा बंद करो, फिर शादी पर विचार होगा।
---
(Scene 5 – फुलमती के घर के बाहर)
भोलाराम: (गाना गाते हुए) “मोबाइल ने किया है प्यार का कमाल…”
फुलमती: (हँसकर बाहर आती है) अच्छा गा रहे हो भोलाराम, पर अब मोबाइल बंद रखो, मैं खुद सामने हूँ।
भोलाराम: (मुस्कुराते हुए) अब तो लाइफ का नेटवर्क फुल हो गया, सिग्नल मिल गया!
(दोनों हँसते हैं, गाँव वाले तालियाँ बजाते हैं)
लल्लन चाचा: अरे वाह! अब तो गाँव में 5G प्यार चल रहा है!
पंडित झपटा: और हम सब हैं इसका “डेटा पैक”!
(सभी हँसी के फव्वारों में फूट पड़ते हैं)
🏁 समाप्त – “भोलाराम का मोबाइल और गाँव की मस्ती”
Comments
Post a Comment